
जिला पंचायत अध्यक्ष ने सांकरा-घठुला-बेलर-जैतपुरी मार्ग के चौड़ीकरण, करेगांव-गट्टासिली-बिरगुड़ी मार्ग के नवीनीकरण, सांकरा से झरियाबाहरा मार्ग के चौड़ीकरण, तथा खिड़कीटोला-गंगरेल मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की मांग प्रमुखता से रखी। इसके अलावा पुरूर-भटगांव-गोकुलपुर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण और नगरी-सिहावा मार्ग को फोरलेन सड़क के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अरुण सार्वा ने क्षेत्र के समग्र विकास की दृष्टि से मसानडबरा जन-मन कॉलोनी को “विकसित भारत” की अवधारणा के अनुरूप आदर्श एवं अत्यंत पिछड़ी जनजाति कॉलोनी के रूप में विकसित करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि यदि इस कॉलोनी का सुनियोजित विकास किया जाता है तो यह न केवल जिले बल्कि पूरे देश के लिए एक मॉडल परियोजना बन सकती है। इसके अंतर्गत आधुनिक मूलभूत सुविधाएं, स्वच्छ पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने का प्रस्ताव रखा गया है।
मुलाकात के दौरान पूर्व विधायक श्रवण मरकाम ने भी इन मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और जनसुविधाओं के विस्तार के लिए इन परियोजनाओं का शीघ्र स्वीकृत होना आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार जनहित से जुड़े इन प्रस्तावों पर सकारात्मक निर्णय लेकर क्षेत्रवासियों को बड़ी सौगात देगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा ने बताया कि क्षेत्र के विकास के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं और जनभावनाओं के अनुरूप विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने के लिए शासन स्तर पर लगातार संपर्क एवं पहल की जा रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति मिलने से जिले के विकास को नई दिशा मिलेगी।







